झारखंड का गिरिडीह बना दूसरा ‘कैराना’? हिंदुओं ने घरों पर लगाए ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर

Image Source : INDIA TV
Makaan Bikau Hai poster on houses and shops in Giridih of Jharkhand.

Highlights

  • 12 जून की रात छेड़छाड़ के मामले को लेकर 2 समुदायों के बीच जमकर पथराव हुआ था।
  • 2 समुदायों के बीच पथराव की घटना के बाद से अभी भी इलाके में तनाव देखा जा रहा है।
  • हिंदू समुदाय के लोगों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है।

Giridih News: झारखंड के गिरिडीह जिले में ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश के कैराना से हिंदुओं के पलायन की खबरों की याद दिलाने लगे हैं। गिरिडीह में पचंबा थाना क्षेत्र के हटिया रोड में  लगभग 150 हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर ‘मकान बिक्री है’ का पोस्टर चिपका दिया है। पचंबा के हटिया रोड में 12 जून की रात छेड़छाड़ के मामले को लेकर 2 समुदायों के बीच जमकर पथराव हुआ था। इस दौरान पचंबा की दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गई थी और पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा था।

डरे हुए लोग कर रहे इलाका छोड़ने की बात

पुलिस ने इस मामले में 2 नाबालिगों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर दूसरे दिन सोमवार को हजारीबाग रिमांड होम और गिरिडीह जेल भेज दिया था। पुलिस की कार्रवाई को एक समुदाय के लोग एकपक्षीय बता रहे हैं और काफी गुस्से में हैं। 12 जून की देर शाम छेड़छाड़ के मामले को लेकर  2 समुदायों के बीच पथराव की घटना के बाद अभी भी यहां तनाव देखा जा रहा है। हटिया रोड के इस मुहल्ले के लोग डरे हुए हैं और अब इलाका ही छोड़ने की बात कह रहे हैं।

पुलिसिया कार्रवाई ने नाराज हिंदू समुदाय के लोग
इलाके में रहने वाले हिंदुओं ने अपने घरों के आगे मकान की बिक्री का पोस्टर चस्पा कर  दिया है। लोग घटना के बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई से नाराज हैं। उनका कहना है कि बार-बार इसी मुहल्ले को निशाना बनाया जा रहा है। कुछ दिन पहले भी यहीं पर पथराव किया गया था और फिर से इसी मुहल्ले को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पथराव की घटना के बाद निर्दोषों पर कार्रवाई की। ये इलाका चारों तरफ से मुस्लिम बहुल है और बीच में कुछ हिंदुओं के घर हैं।

‘बहू-बेटियों का घर से निकलना दूभर हो जाता है’
हिंदुओं का कहना है कि इस तरह की घटनाओं की वजह से वे अपने को सुरक्षित महसूस नहीं करते। हिंदू पक्ष का आरोप है कि उनके साथ हमेशा ज्यादती की जाती है और उनकी बहू-बेटियों का घर से निकलना दूभर हो जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस भी हमारी नहीं सुनती है, और यही वजह है कि हिंदू समुदाय की कम से कम 150 दुकानों और घरों के बाहर ‘बिक्री पर घर’ के पोस्टर चिपका दिए गए हैं। हिंदू समजा के लोग अब सबकुछ बेचकर वहां से पलायन करना चाहते हैं।

‘पीड़ितो को ही पुलिस ने बना दिया आरोपी’
मामले की घर मिलते ही बीजेपी  नेता एवं पूर्व विधायक निर्भय कुमार शाहबादी, अधिवक्ता संघ के सचिव एवं बीजेपी नेता चुन्नूकांत, कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव समेत कई लोग धरने पर बैठ गए। इनका कहना था कि पिछले 6 माह से यहां के लोगों को परेशान किया जाता है, बच्चियों पर फब्तियां कसी जाती हैं, दुकान व घरों पर पथराव किया जाता है। रविवार को भी पथराव के दौरान उन लोगों को आरोपी बनाया गया जो कि अपने घरों और दुकानों पर थे, और घटना के दौरान खुद का बचाव कर रहे थे।

‘समुदाय विशेष के लड़के आकर करते हैं छेड़खानी’
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बगल के मोहल्ले के समुदाय विशेष के लड़के अक्सर हटिया रोड आकर विवाद खड़ा करते हैं और प्रशासन भी राजनीतिक प्रभाव में आकर निर्दोष लोगों पर कार्रवाई करता है। लोगों ने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष के लोगों की मनमानी चलती है और वे हिंदुओं को फंसाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़के हटिया रोड में जानबूझकर छेड़खानी, पत्थरबाजी की घटना को अंजाम देते हैं, जबकि पुलिस पीड़ित लोगो के नाम पर ही FIR कर देती है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से उनका रहना मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट: मुकेश सिन्हा

Atul Tiwari

Atul Tiwari

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