दीपिका पादुकोण को हार्ट बीट बढ़ने से जाना पड़ा था हॉस्पिटल, जानें, हृदय गति बढ़ने के कारण, लक्षण

Causes of Heart Beat increase: पिछले दिनों एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ गया था. हैदराबाद में दीपिका पादुकोण अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, जहां अचानक उनका हार्ट रेट बढ़ गया और असहज और घबराहट महसूस होने के कारण हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ गया. हालांकि, हॉस्पिटल में इलाज के बाद दीपिका को डिस्चार्ज कर दिया गया है. कई बार हार्ट बीट बढ़ना, घबराहट या बेचैनी महसूस करना हार्ट संबंधित समस्याओं के कारण भी होती हैं. यदि आपका भी हार्ट बीट बार-बार घटता-बढ़ता रहता है, तो इसे नजरअंदाज ना करें. आखिर क्यों बढ़ता है हार्ट रेट जानें इसके कारण और इस समस्या को दूर करने के उपाय.

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 हार्ट बीट बढ़ने के कारण
मेडिकल टर्म में हार्ट रेट बढ़ने को हार्ट एरिथमिया कहा जाता है. मायोक्लिनिक में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, हार्ट रेट या दिल की गति या धड़कन (Heart palpitations) तेज हो जाए, तो कई बार यह तनाव, व्यायाम, किसी खास दवा के सेवन या फिर कोई मेडिकल कंडीशन के कारण भी ट्रिगर हो सकती है. हालांकि, कुछ मालमों में दिल की धड़कन बढ़ना चिंताजनक हो सकती है. यह गंभीर हृदय रोग का लक्षण भी हो सकती है, जैसे कि अनियमित दिल की धड़कन (अतालता), जिसके लिए उपचार की आवश्यकता हो सकती है.

 हार्ट रेट बढ़ने के लक्षण
-बहुत तेजी से हार्ट बीट करना
-हार्ट बीट स्किप करना
-तेजी से फड़फड़ाना
-हार्ट गति बढ़ने पर घबराहट, बेचैनी महसूस होना

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 दिल की धड़कन बढ़ने के जोखिम कारक
-तनाव
-चिंता या पैनिक अटैक
-गर्भावस्था
-कुछ दवाएं जैसे अस्थमा की दवा
-हाइपरथायरॉयडिज्म
-दिल की अन्य समस्याएं, जैसे अनियमित दिल की धड़कन, पहले कभी हार्ट अटैक या हार्ट सर्जरी होना

 हार्ट रेट बढ़ने के कारण
-स्ट्रेस, एंग्जायटी और पैनिक अटैक
-डिप्रेशन
-लगातार हेवी एक्सरसाइज करना
-कैफीन, निकोटिन, सर्दी-जुकाम की दवा का सेवन
-बुखार होना
-पीरियड्स, मेनोपॉज, प्रेग्नेंसी
-थायरॉएड हॉर्मोन का अधिक बढ़ना या कम होना

डॉक्टर से कब करें संपर्क
यदि आपका हार्ट रेट या पैल्पिटेशन कभी-कभी हो और केवल कुछ सेकंड तक हो, तो आमतौर पर इसे डॉक्टर को दिखाने की ज़रूरत नहीं होती है. हां, यदि आपको पहले से कोई हार्ट डिजीज है और बार-बार दिल की धड़कनें तेज या कम हों, तो डॉक्टर से मिल लें. हो सतका है जांच के बाद आपको हार्ट मॉनिटरिंग टेस्ट की आवश्यकता पड़े, ताकि यह पता चल सके कि आपको कहीं कोई गंभीर हृदय समस्या तो नहीं हो गई, जिसके कारण धड़कन बढ़ती या घटती है.

हार्ट बीट के दौरान महसूस हों ये समस्याएं तो डॉक्टर से मिलें
-सीने में तकलीफ या दर्द होना
-बेहोशी
-सांस लेने में तकलीफ महसूस हो
-गंभीर रूप से चक्कर आना

Tags: Health, Heart Disease, Lifestyle

Atul Tiwari

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