हजारों फीट की ऊंचाई की पहाड़ियों पर ITBP के जवानों ने किया योग

Image Source : ITBP TWITTER
ITBP jawans did yoga in the lap of Himalayas

Highlights

  • ‘मानवता के लिए योग’ है इस बार की थीम
  • “गार्जियन रिंग” नामक एक अनोखा कार्यक्रम होगा आयोजित
  • ITBP के जवानों ने 1 जून को बनाया था सर्वाधिक ऊंचाई पर योग करने का रिकॉर्ड

International Yoga Day 2022: आगामी 21 जून को मनाये जाने वाले 8 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर चारो तरफ चहल-पहल है। इस दिन देशभर तमाम जगहों पर योग से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इसी क्रम में आज रविवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाली सीमा चौकियों पर योगा अभ्यास किया।

उत्तराखंड में बनाया था ऊंचाई पर योगाभ्यास का रिकॉर्ड 

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते आईटीबीपी के पर्वतारोहियों ने उत्तराखंड में हिमालय की बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर 22,850 फीट की ऊंचाई पर योग का अभ्यास किया था। ITBP के पर्वतारोही पिछले हफ्ते माउंट अबी गामिन चोटी की चढ़ाई कर रहे थे, जहां उन्होंने रास्ते में बर्फ से ढके इलाके में कड़ा योगाभ्यास किया। आईटीबीपी ने बताया था कि, “ITBP के 14 सदस्यीय दल ने 1 जून को  22,850 फीट की ऊंचाई पर बर्फ से ढकी चोटियों पर 20 मिंट तक योगाभ्यास किया। जो अब तक सबसे अधिक ऊंचाई पर किया गया योगाभ्यास है।”

‘मानवता के लिए योग’ होगी इस बार की थीम 

गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय ने 21 जून को भारत और दुनिया भर में आयोजित होने वाले आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) की थीम के रूप में इस बार “मानवता के लिए योग” विषय को चुना है। मंत्रालय ने कहा कि इसके लिए विषय का चयन बहुत विचार-विमर्श और परामर्श के बाद किया गया है और यह बताता है कि कैसे COVID-19 महामारी के दौरान योग ने लोगों की परेशानी को कम किया और बदलती हुई वैश्विक परिस्थितयों में मानवता की सेवा की। मंत्रालय के अनुसार योग लोगों को में मानवता, एकता, दया और करुणा से एक साथ लाएगा और उन्हें संगठित करेगा।

गार्जियन रिंग होगा मुख्य आकर्षण 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 का मुख्य आधिकारिक कार्यक्रम कर्नाटक के मैसूर में होगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 8वें संस्करण में कई कार्यक्रम पहली बार देखने को मिलेंगे, उनमें से एक “गार्जियन रिंग” नामक एक अनोखा कार्यक्रम है, जो सूर्य की गति को प्रदर्शित करेगा। आयुष मंत्रालय के अनुसार, “द गार्जियन रिंग एक धरती, एक सूर्य (वन सन, वन अर्थ) अवधारणा को रेखांकित करती है और योग की एकीकरण शक्ति को प्रदर्शित करती है।” मंत्रालय के अनुसार, यह योग का एक स्ट्रीमिंग प्रोग्राम होगा। इसके जरिए भारतीय मिशनों द्वारा विदेशों में आयोजित आईडीवाई कार्यक्रमों की डिजिटल फीड को एक साथ कैप्चर किया जाएगा। इसकी शुरुआत सबसे पहले उस देश से होगी जहां से सूरज उगता है। यानी जापान से इसकी शुरुआत होगी क्योंकि जापान को ही उगते सूरज का देश माना जाता है। इस हिसाब से सुबह 6 बजे योग दिवस को मनाने की शुरुआत होगी। फिर से धीरे-धीरे समय के साथ ये कार्यक्रम आगे बढ़ता चला जाएगा।

Atul Tiwari

Atul Tiwari

Leave a Reply

Your email address will not be published.