2025 तक भारत से खत्म हो जाएगा टीबी रोग! मोदी सरकार की पहल पर अब ऐसे खोजे जाएंगे क्षय रोग के मरीज

नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi government) साल 2025 तक भारत को टीबी मुक्त राष्ट्र (TB Free Nation) बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) अब सामुदायिक स्तर पर क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (Tuberculosis Eradication Program) चलाकर जनभागीदारी बढ़ाने का फैसला किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल पर अब पूरे देश में ‘निक्षय मित्र’ (Nikshay Mitra) कार्यक्रम के जरिए टीबी को देश से खत्म किया जाएगा. इस अभियान के तहत निक्षय मित्र बनने वाले मरीजों को पोषण, डायग्नोस्टिक और रोजगार के स्तर पर मदद कर उनसे सच्ची मित्रता निभा सकते हैं. निक्षय मित्र अभियान के साथ कॉरपोरेट्स, जनप्रतिनिधि, सभी राजनीतिक दल, गैरसरकारी संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और आम देशवासी भी जुड़ कर टीबी मरीजों की देखभाल और उनकी मदद कर सकते हैं.

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने निक्षय मित्र अभियान के तहत मरीजों को पर्याप्त पोषण के लिए उन्हें ‘पोषण किट’ उपलब्ध कराने का फैसला किया है. इस अभियान के तहत व्यवस्था की गई है कि निक्षय मित्र बनने वाले व्यक्ति या संस्था कम से कम एक वर्ष के लिए किसी ब्लॉक, वार्ड या जिले के टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें भोजन, पोषण, आजीविका के स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध करा सकते हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल पर देश के कई राज्यों में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के लिए नए सिरे से जागरूकता की पहल की गई है.

साल 2025 तक देश टीबी मुक्त होगा!
इस अभियान से जुड़ने के लिए आप निक्षय पोर्टल www.nikshay.in पर रजिस्टर करके बेहद आसानी से कम से कम एक साल के लिए किसी जिला, वार्ड या प्रखंड को अपनाने में अपनी रुचि दर्ज करा सकते हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि लोग खुद भी निक्षय मित्र अभियान से जुड़ें और दूसरों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करें.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय शुरू करेगी विशेष पहल
गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल पर देश के कई राज्यों में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के लिए नए सिरे से जागरूकता की पहल की गई है. कुछ राज्यों में इसे ‘टीबी चैंपियन’ (टीबी को मात देने वाले लोग) इस कार्यक्रम की आगुवाई करेंगे. यूपी के कई जिलों में जैसे वाराणसी, सोनभद्र और चंदौली में पिछले दिनों ऐसे कुछ चैंपियनों का चयन किया गया है.

लोगों को अब ऐसे जागरुक किया जाएगा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल पर अब अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा रहा है. इसके साथ ही टीबी रोग पर नियंत्रण के लिए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर फ्री जांच की सुविधा और अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

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टीबी को लेकर व्याप्त भेदभाव और भ्रांतियों को दूर करने के लिए ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह पहल की है. (File Photo)

टीबी बीमारी संक्रमण से फैलता है?
बता दें कि क्षय रोग यानि टीबी के प्रति जागरूकता लाने के साथ ही टीबी को लेकर व्याप्त भेदभाव और भ्रांतियों को दूर करने के लिए ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह पहल की है. अगले कुछ दिनों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया इसको लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं.

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गौरतलब है कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो बैक्टीरिया के कारण होता है. इस बीमारी का अब पूरी तरह से इलाज संभव है. बालों और नाखूनों को छोड़ कर टीबी शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है. खासकर फेफड़ों की टीबी को पल्मोनरी, जबकि शरीर के अन्य अंगों की टीबी को एक्स्ट्रा पल्मोनरी कहते हैं. मेडिकल साइंस में केवल फेफड़े की टीबी ही संक्रामक है. जब इस रोग से ग्रसित व्यक्ति असुरक्षित तरीके से खांसता या बोलता है तो हवा के माध्यम से यह बीमारी दूसरे को दे देता है.

Tags: Health Minister Mansukh Mandaviya, Modi government, TB, World Tuberculosis Day

Atul Tiwari

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