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Ashwini Vaishnaw: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया ऐसा ऐलान, चीन समेत इन 4 देशों में मच गई खलबली
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Semiconductor Supply: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2023 की सालाना बैठक में 'सेमीकंडक्टर सप्लाई में झटकों से सबक' पर आयोजित सत्र पर मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर की मांग वाला बाजार बहुत बड़ा है और इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभा और टेक्नोलॉजी को देखते हुए भारत में काफी संभावनाएं हैं.

What is Semi Conductor: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि भारत ने ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट में बड़ा सप्लायर बनने की योजना बनाई है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इसके लिए 10 अरब डॉलर का निवेश किया है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2023 की सालाना बैठक में 'सेमीकंडक्टर सप्लाई में झटकों से सबक' पर आयोजित सत्र पर मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर की मांग वाला बाजार बहुत बड़ा है और इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभा और टेक्नोलॉजी को देखते हुए भारत में काफी संभावनाएं हैं.

रेल मंत्री ने कही ये बात
उन्होंने कहा, 'बड़ी संख्या में प्रतिभाएं तैयार कर रहा यूनिवर्सिटी सिस्टम हमारी काफी मदद कर रहा है क्योंकि हमने प्रतिभा को सही दिशा में तराशने के लिए कई विश्वविद्यालयों से कॉन्ट्रैक्ट किया है.' सरकार की अपनी निवेश योजनाओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि सरकार खुद इसमें 10 अरब डॉलर लगा रही है और उसने एक लंबी कार्ययोजना तैयार की है.

उन्होंने आगे कहा, 'हम भारत में नई जरूरतें मिलाकर भी दुनियाभर का अहम सेमीकंडक्टर सप्यालर बनने में काफी संभावनाएं देखते हैं. (इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य हाई एडवांस टेक्नोलॉजी में भी इसका इस्तेमाल होता है) हमें भरोसा है कि मांग काफी ऊंची रहने वाली है.' उन्होंने आगे कहा, 'वृद्धि दर में भारी तेजी आने की उम्मीद के बीच यह बिजनेस अगले छह-सात साल में दोगुना होकर 1,000 अरब डॉलर का होने वाला है.' वैष्णव ने यह भी कहा कि सरकार पर्यावरण पर भी सोच रही है और यह सुनिश्चित करेगी कि नए कारखानों में ग्रीन एनर्जी की सप्लाई हो. बता दें कि भारत फिलहाल सेमीकंडक्टर्स की जरूरत के लिए दुनिया के विभिन्न देशों पर निर्भर है. चीन, ताइवान, वियतनाम और कोरिया वो प्रमुख देश हैं, जो भारत को सेमीकंडक्टर्स सप्लाई करते हैं.

क्या होता है सेमीकंडक्टर
दरअसल यह सिलिकॉन से बनी एक बहुत छोटी चिप होती है. यह फिटनेस बैंड, लैपटॉप, वाहनों, टैबलेट, घरेलू अप्लाएंसेज तक में इस्तेमाल होते हैं.  सेमीकंडक्टर की अहमियत का अंदाजा इसी चीज से लगाया जा सकता है कि जब कोरोना अपने उफान पर था तो इसकी धीमी सप्लाई के कारण दुनिया की 169 इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया था. नामी कंपनियों को कई अरब डॉलर्स का घाटा झेलना पड़ा था. इसको न्यू ऑयल भी कहा जाता है. माइक्रोचिप्स या सेमीकंडक्टर्स में यूज होने वाली धातु पैलेडियम का रूस सबसे बड़ा सप्लायर है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)